Friday, January 12, 2018

भारत दिव्यदर्शन | महर्षि पराशर के जीवन की आश्चर्यजनक सत्य कथाएं | भाग -1



भारत दिव्यदर्शन | महर्षि पराशर के जीवन की आश्चर्यजनक सत्य कथाएं | भाग -1
Watch full episode in hindi with english subtitles
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भारत दिव्यदर्शन की इस प्रस्तुति में
अयोध्या के राजकुमार वीरसह शक्तिमुनि के श्राप के कारण कल्माषपाद नामक राक्षस बन जाता है और क्रोधित होकर शक्ति मुनि सहित ऋषि वशिष्ठ के सौ पुत्रों को खा जाता है ऋषि पराशर को जब इस बात का पता चलता है तो वे समस्त राक्षस जाति का अन्त कर देने की प्रतिज्ञा करते है।
In this presentation of Bharat Divyadarshan
Due to the curse of Shaktamuni Veersah Prince of Ayodhya becomes a monster called Kalmashpad.Because of the curse angry veersah ate the hundred sons of Rishi Vashishta with Shakti Muni.
When sage Parashar became to know that his father was killed by a monster, he decided to destroy all the monster castes from the earth.
महर्षि पराशर के जीवन की आश्चर्यजनक सत्य कथाएं
'पराशर' शब्द का अर्थ है - 'पराशूणाति पापानीति पराशरः' अर्थात् जो दर्शन-स्मरण करने से ही समस्त पापों का नाश करता है, वही पराशर है।
पराशर के पिता का नाम शक्तिमुनि था और उनकी माता का नाम अद्यश्यन्ती था। शक्तिमुनि वसिष्ठऋषि के पुत्र और वेदव्यास के पितामह थे। इस आधार पर पराशर वसिष्ठ के पौत्र थे।
शक्तिमुनि का विवाह तपस्वी वैश्य चित्रमुख की कन्या अदृश्यन्ती से हुआ था।
कहते हैं ऋषि पराशर 12 वर्ष तक अपनी माता के गर्भ में रहे थे
माता के गर्भ में रहते हुए पराशर ने पिता के मुँह से ब्रह्माण्ड पुराण सुना था।
Astonishing Truth Stories of the Life of Maharishi Parashar
The word 'Parashar' means the word 'Parashunuti papaneeti Parashar:' that is, the one who destroys all sins by remembering and sighting, That is Parashar.
Parashar's father's name was Shaktimuni and his mother's name was Adhyashyanti. Shaktamuni was the son of Vasishtha Rishi and the father of Vedavyasa. On this basis, Parashar was the grandson of Vashishtha.
Shaktamuni's marriage was made from the ascetic Vaishya chitramukh's daughter adhyashyanti.
It is said that Sage Parashar was in his mother's womb for 12 years.
While living in the womb of the mother, Parashar had heard the Brahmaand Purana when his Father promouncing veda.

Thursday, April 6, 2017

bheema and his wonder stories-new launch of animated web series-trailer

भीम और उसकी विस्मयकारी यात्राएं अब एनिमेशन सीरीज में -VOL .1


भीम और उसकी विस्मयकारी यात्राएं अब एनिमेशन सीरीज में- VOL .1
5००० साल पहले जब पांडव द्रौपदी व् अपनी माता सहित अज्ञातवास  बिता रहे थे,एक दिन द्रौपदी जब वन विहार कर रही थी तो अचानक कहीं से एक पुष्प वहां आ गिरा।
उत्सुकता वश द्रौपदी ने वह पुष्प तुरंत उठा लिया क्योंकि पुष्प अदिवित्य था और आलौकिक प्रकाश से जगमगा रहा था तथा वहां का समस्त वातावरण मनमोहक खुशबू से भर गया तब द्रौपदी ने भीम से उन जैसे और पुष्पों की इच्छा व्यक्त की उसकी इच्छा जान कर भीम तुरंत ही उन पुष्पों की खोज में चल पड़े,परंतु इस खोज यात्रा के दौरान उन्हें बहुत सी कठिनाइयों और दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ा जिसके परिणाम स्वरुप वे अति क्रोधित होने लगे, कठिनाइयों का सामना करते हुए उनकी जादुगरनी कुशाला से अत्यंत रोमांचक मुठभेड़ हुई परंतु उससे पहले उनकी भेंट एक जीर्ण और बूढ़े वानर से हुई जो अपनी लंबी पूंछ रास्ते में फैलाकर आराम कर रहा था,क्रोध में भरे भीम ने उसे अपनी पूंछ हटाने को कहा परंतु बूढ़े वानर ने उन्हें कहा कि वह स्वयं पूँछ को हटा कर आगे निकल जाए भीम अपने समस्त बल का प्रयोग करके भी उस पूँछ को तिल भर न हटा सके और आवेश में आ कर उसने बूढ़े वानर को अपशब्द कहे और युद्ध के लिए ललकारा तब बूढ़े वानर का आकार अप्रत्याशित रूप से बढ़ने लगा और अति विकराल हो गया
कौन था उस अति विकराल वानर रूप में?
क्या भीम उस पर विजय प्राप्त कर पाए?
भीम को कैसी मुसीबतों का सामना करना पड़ा?
क्या भीम दिव्य पुष्प प्राप्त कर सके?
इन सब प्रश्नों का उत्तर आपको मिलेगा भीम और उसकी विस्मयकारी कहानी श्रृंखला में जो बहुत ही जल्द एनीमेशन सीरीज के रूप में रही है

Thursday, February 23, 2017